भारतीय ज्ञान परम्परा (IKS) को पाठ्यक्रम में एकीकरण हेतु क्षमता निर्माण कार्यक्रम
श्रीनगर (गढ़वाल) 14 फरवरी 
भारतीय ज्ञान परम्परा(IKS) के पाठ्यक्रम में प्रभावी एकीकरण के उद्देश्य से दिनांक 16 फरवरी 2026 से 21 फरवरी 2026 तक एक विशेष क्षमता निर्माण कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम यूजीसी-मालवीय मिशन टीचर्स ट्रेनिंग सेंटर,  हे.न.ब. गढ़वाल विश्वविद्यालय श्रीनगर द्वारा  आयोजित होगा, जिसका कार्यक्रमस्थल – अकादमिक क्रियाकलाप केन्द्र चौरास परिसर रहेगा।यह जानकारी देते हुए एम एम टी सी के निदेशक प्रोफ़ेसर डी एस नेगी ने बताया की
इस कार्यक्रम को  शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार तथा विश्वविद्यालय अनुदानआयोग(UGC) द्वारा प्रायोजित कार्यक्रम है तथा इनका पूर्ण समर्थन प्राप्त है। मंत्रालय एवं यूजीसी द्वारा इस प्रशिक्षण कार्यक्रम हेतु  दस मास्टर ट्रेनर्स की सूची प्रेषित की गई हैं ।
कार्यक्रम पूर्णतः भौतिक (ऑफलाइन) मोड में आयोजित किया जाएगा तथा सभी आवश्यक व्यवस्थाएँ सुनिश्चित कर ली गई हैं। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों से 55 संकाय सदस्य तथा विश्वविद्यालय नगर से 45 शोधार्थी प्रतिभाग करेंगे।
यूजीसी द्वारा Central Sanskrit University के प्रो. सुब्रमण्यम को कार्यक्रम की संपूर्ण अवधि के लिए यूजीसी ऑब्ज़र्वर नियुक्त किया गया है, जो प्रशिक्षण का मार्गदर्शन करेंगे।
इस कार्यक्रम के कार्यक्रम समन्वयक (Programme Coordinator) के रूप में डॉ. अमरजीत सिंह की नियुक्ति की गई है। वहीं प्रोफेसर देवेन्द्र सिंह नेगी  , निदेशक, मालवीय मिशन टीचर ट्रेनिंग सेंटर  एचएनबी गढ़वाल विश्वविद्यालय अपने दल के साथ कार्यक्रम के संपूर्ण संचालन एवं व्यवस्थाओं की निगरानी एवं मार्गदर्शन करेंगे।
कार्यक्रम के समापन (Valedictory) समारोह में यूजीसी एवं शिक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारीगण सहभागिता करेंगे। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति महोदय अध्यक्षता करेंगे। दिल्ली से प्रख्यात आध्यात्मिक गुरु प्रो. पवन सिन्हा विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।
यह क्षमता निर्माण कार्यक्रम भारतीय ज्ञान परंपरा को उच्च शिक्षा के मुख्यधारा पाठ्यक्रम से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जिससे शिक्षकों एवं शोधार्थियों की शैक्षणिक एवं अनुसंधान क्षमता को नई दिशा प्राप्त होगी।

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